न पानी, न भारी मसाला, छत्तीसगढ़ की लजीज पारंपरिक मिक्स सब्जी, ये है रेसिपी

Recipe : छत्तीसगढ़ की पारंपरिक रसोई में ऐसी कई सब्जियाँ हैं, जो स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी पूरा ध्यान रखती हैं. सेमी, करेला, आलू और हरी मटर से बनने वाली यह देसी मिक्स सब्जी उन्हीं व्यंजनों में से एक है. बिना पानी के, कम मसालों और देसी तड़के में बनने वाली यह सब्जी आज भी ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों की थाली की शान बनी हुई है. सादगी, पौष्टिकता और पारंपरिक स्वाद का बेहतरीन मेल इस सब्जी को खास बनाता है.

सब्जियों की तैयारी से होती है शुरुआत

इस देसी मिक्स सब्जी को बनाने के लिए सबसे पहले आलू, करेला और सेमी को काटकर अच्छी तरह साफ पानी से धो लिया जाता है. हरी मटर को छीलकर उसके दाने अलग कर लिए जाते हैं और उन्हें भी धोकर एक बर्तन में रख दिया जाता है. इसके साथ ही प्याज और लहसुन को साफ कर काटकर तैयार कर लिया जाता है.

कड़ाही में जीरे का तड़का और प्याज-लहसुन की खुशबू

इसके बाद एक कड़ाही में तेल गर्म किया जाता है. तेल गर्म होने पर उसमें जीरा डाला जाता है और तड़के की खुशबू आते ही लहसुन और प्याज डालकर सुनहरा होने तक भून लिया जाता है. यही तड़का इस सब्जी के स्वाद की नींव तैयार करता है.

सब्जियों को क्रमवार भूनने की पारंपरिक विधि

जब प्याज-लहसुन अच्छे से भुन जाते हैं, तब सबसे पहले आलू डाले जाते हैं. इसके बाद सेमी, फिर करेला और अंत में हरी मटर डालकर सभी सब्जियों को अच्छे से भून लिया जाता है. लगभग 5 से 7 मिनट तक धीमी आंच पर सब्जियों को पकाया जाता है.

मसालों का संतुलित इस्तेमाल

सब्जियों के हल्का पक जाने के बाद स्वादानुसार नमक डाला जाता है. इसके बाद हल्दी पाउडर, मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और थोड़ा सा गरम मसाला डालकर सब्जी को अच्छे से भून लिया जाता है. खास बात यह है कि इस सब्जी को बिना पानी डाले ही पकाया जाता है, जिससे इसका स्वाद और पौष्टिकता बनी रहती है.

धनिया की सजावट और परोसने की परंपरा

जब सब्जी पूरी तरह से पककर तैयार हो जाती है, तब ऊपर से ताजा हरा धनिया डालकर इसे सजाया जाता है. इसके बाद गरमा-गरम देसी मिक्स सब्जी परोसने के लिए तैयार हो जाती है, जिसे रोटी या चावल के साथ बड़े चाव से खाया जाता है.

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